© प्रेमलता (अव्यवसायिक-चिट्ठा)

Sunday, December 24, 2006

मानवता सर्वोपरि

भारत एक सहिष्णु राष्ट्र है और धर्मनिरपेक्षता का अनुयायी है। क्रिसमस के अवसर पर सभी को शुभकामनाएँ। ईशु ने प्रेम का संदेश दिया और सेवा को कर्त्तव्य बताया यही तो श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है , यही मौहम्म्द साहब ने सिखाया और यही गौतम बुद्ध और श्री महावीर स्वामी ने कहा है। सभी के विचार समान हैं। हम सभी परस्पर स्नेह और सेवा के धर्म में बंधे हैं अर्थात मानवता सर्वोपरि है।

5 comments:

Udan Tashtari said...

शुभकामनाएँ।

संजय बेंगाणी said...

आपको बधाई.
भारत में सर्वधर्म संभाव हजारों वर्षो से बना हुआ है, आगे ईसाई मिशनरीयों पर निर्भर करेगा.

श्रीश । ई-पंडित said...

सही कहा संजय भाई ने हमारी तो संस्कृति ही कहती है - वसुधैव कुटुम्बकम

सभी को शुभकामनाएं।

Pratik said...

आपको भी क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएँ। काश, हम वाक़ई समझ सकें कि इन देव पुरुषों ने क्या कहा है।

MAN KI BAAT said...

सभी कॊ धन्यवाद। प्रतिक्रिया में गीता का श्लोक उद्धृत है-
"श्रुतिविप्रतिपन्ना ते यदास्थास्यति निश्चला।
समाधावचला बुद्धिस्तदा योगमवाप्स्यसि॥"

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प्रेमलता पांडे
हर पल से लगाव।
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